Hindi Shayari

तुझे इस तरह यू भुला ना सकेंगे,

तुझे इस तरह यू भुला ना सकेंगे,
तेरे अलावा किसी की अपना ना सकेंगे,
तू ही मेरी ज़िन्दगी मेरी जान है,
तेरी मोहब्बत का दाग हम धुला ना सकेंगे।

फलसफा समझो न असरारे सियासत समझो,

फलसफा समझो न असरारे सियासत समझो,
जिन्दगी सिर्फ हकीक़त है हकीक़त समझो,
जाने किस दिन हो हवायें भी नीलाम यहाँ,
आज तो साँस भी लेते हो ग़नीमत समझो।

समझने ही नहीं देती सियासत हम को सच्चाई,

समझने ही नहीं देती सियासत हम को सच्चाई,
कभी चेहरा नहीं मिलता कभी दर्पन नहीं मिलता।

बुलंदी का नशा सिमतों का जादू तोड़ देती है,

बुलंदी का नशा सिमतों का जादू तोड़ देती है,
हवा उड़ते हुए पंछी के बाज़ू तोड़ देती है,
सियासी भेड़ियों थोड़ी बहुत गैरत ज़रूरी है,
तवायफ तक किसी मौके पे घुंघरू तोड़ देती है।

सियासत इस कदर अवाम पे अहसान करती है,

सियासत इस कदर अवाम पे अहसान करती है,
आँखे छीन लेती है फिर चश्में दान करती है।

ऐ सियासत तूने भी इस दौर में कमाल कर दिया,

ऐ सियासत तूने भी इस दौर में कमाल कर दिया,
गरीबों को गरीब अमीरों को माला-माल कर दिया।

लड़ें, झगड़ें, भिड़ें, काटें, कटें, शमशीर हो जाएँ,

लड़ें, झगड़ें, भिड़ें, काटें, कटें, शमशीर हो जाएँ,
बटें, बाँटें, चुभे इक दुसरे को, तीर हो जाएँ,
मुसलसल कत्ल-ओ-गारत की नई तस्वीर हो जाएँ,
सियासत चाहती है हम और तुम कश्मीर हो जाएँ।

सियासत को लहू पीने की लत है,

सियासत को लहू पीने की लत है,
वरना मुल्क में सब ख़ैरियत है।

एक आँसू भी हुकूमत के लिए ख़तरा है,

एक आँसू भी हुकूमत के लिए ख़तरा है,
तुम ने देखा नहीं आँखों का समुंदर होना।

इन से उम्मीद न रख हैं ये सियासत वाले,

इन से उम्मीद न रख हैं ये सियासत वाले,
ये किसी से भी मोहब्बत नहीं करने वाले।