Introduction“जाने कहां गए वो दिन शायरी
कुछ यादें कभी पुरानी नहीं होतीं। वही मासूमियत, वही मोहब्बत और वही पल अक्सर दिल को पुकारते हैं –”।
“जाने कहां गए वो दिन शायरी ”। 15 बेहतरीन शायरियाँ जो इस जज़्बात को और गहरा करती हैं।
हर शायरी में वो कसक है, जो याद दिलाती है – जाने कहां गए वो दिन…

जाने कहां गए वो दिन शायरी – 15 भावुक पंक्तियाँ
जाने कहां गए वो दिन,
जब हर ख्वाब तुम्हारे संग सजते थे,
अब तो तन्हाई ही साथी है,
और अश्क ही दिल बहलाते हैं।
2.
कहते थे मेरी राहों में,
नज़रों को बिछा देंगे,
जाने कहां गए वो दिन,
जब वादे दिल से निभा देंगे।
3.
तुम जहां भी रहो,
हमेशा चाहेंगे उम्रभर,
जाने कहां गए वो दिन,
जब मोहब्बत थी सबसे बेहतर।
4.
मेरे कदम जहां पड़े,
सजदे किया था प्यार ने,
जाने कहां गए वो दिन,
जब दुआएं मिलती थी बहार ने।
5.
आज तो नज़र में अंधेरा है,
दिन भी जैसे रात है,
जाने कहां गए वो दिन,
जब रौशनी बस तेरे साथ है।
6.
छांव भी तन्हा लगती है,
साया भी दूर सा है,
जाने कहां गए वो दिन,
जब साया भी अपना सा है।
7.
तेरी यादों की राहों में,
आज भी दिल बिछाते हैं,
जाने कहां गए वो दिन,
जब तुझे अपना बताते हैं।
8.
किसी और की चाहत में,
दिल अब क्यों उलझा है,
जाने कहां गए वो दिन,
जब हर धड़कन तेरा नाम लिखा है।
9.
तेरी राह में जो वादे थे,
सब अधूरे रह गए,
जाने कहां गए वो दिन,
जब सपने पूरे लगते थे।
10.
आज तन्हा सा दिल है,
तेरे बिना वीरान है,
जाने कहां गए वो दिन,
जब हर लम्हा मेहरबान है।
11.
तेरे बिना हर खुशी अधूरी है,
हर ख्वाब सूना सा लगे,
जाने कहां गए वो दिन,
जब तेरा साथ पूरा लगे।
12.
तेरी हंसी का जादू,
आज भी दिल में बसा है,
जाने कहां गए वो दिन,
जब तेरा चेहरा खुदा सा लगा है।
13.
तेरे संग बिताए लम्हे,
आज भी सांसों में महकते हैं,
जाने कहां गए वो दिन,
जब तेरे संग ही सपने सजते हैं।
14.
तेरे वादों की खुशबू,
अब भी दिल में बसती है,
जाने कहां गए वो दिन,
जब हर बात मोहब्बत लगती है।
15.
तेरी राहों की चाहत में,
हम अब भी भटकते हैं,
जाने कहां गए वो दिन,
जब हर कदम साथ चलते हैं।
Conclusion
“जाने कहां गए वो दिनशायरीयादें हमेशा दिल के करीब रहती हैं।
“जाने कहां गए वो दिनशायरी” सिर्फ एक सवाल नहीं, बल्कि हर उस दिल की पुकार है जिसने सच्ची मोहब्बत को महसूस किया है।
ये 15 शायरियाँ उन्हीं जज़्बातों की गूंज हैं – जहाँ मोहब्बत थी, वादे थे और अनमोल पल थे।
शायद वो दिन लौटकर न आएं, मगर उनकी यादें हमेशा साथ रहेंगी।
FAQ – Jaane Kahan Gaye Woh Din Shayari
Q1“जाने कहां गए वो दिनशायरी”।” किसके लिए लिखी गई है?
👉 यह शायरी उन लोगों के लिए है जो पुराने दिनों की यादों में खो जाते हैं। खासतौर पर कॉलेज लाइफ, बचपन की दोस्ती और अधूरी मोहब्बत को याद करने वालों के लिए।
Q2. क्या ““जाने कहां गए वो दिनशायरी”।सिर्फ प्यार पर आधारित है?
👉 नहीं, इसमें दोस्ती, रिश्तों, बीते लम्हों और जुदाई की भावनाएँ भी शामिल हैं।
Q3. क्या मैं ““जाने कहां गए वो दिन शायरी ”। सोशल मीडिया पर शेयर कर सकता हूँ?
👉 बिल्कुल! आप इसे Instagram, WhatsApp, Facebook पर आसानी से शेयर कर सकते हैं।
Q4. ““जाने कहां गए वो दिन शायरी ”। क्यों लोकप्रिय है?
👉 क्योंकि यह दिल की गहराइयों से जुड़ी है और हर इंसान को अपने बीते सुनहरे लम्हों की याद दिलाती है।

