Introduction (माँ के ममता लिए ) माँ– वो नाम, जिसमें पूरा ब्रह्मांड समाया है

माँ सिर्फ एक शब्द नहीं, एक पूरी दुनिया है। जब दुनिया साथ छोड़ दे, तब माँ का आंचल ही होता है जो हर दर्द को समेट लेता है। माँ की ममता किसी किताब में नहीं समाई जा सकती, और उसे
शब्दों में ढालना सबसे मुश्किल काम है।
इस पोस्ट में हम आपके लिए लाए हैं
15 भावुक और दिल को छू जाने वाली शायरी, जो माँ की ममता, त्याग और प्रेम को सलाम करती हैं।
Shayari 1माँ के ममता लिए
तेरी ममता के आगे सारा जहां फीका लगे,
तेरे आँचल में ही तो जन्नत का रास्ता दिखे।
मैंने खुदा को कभी नहीं देखा मां,
पर तेरे चेहरे में उसका नूर दिखे।
🌸 Shayari 2
मेरे हर ग़म को अपने सीने में छुपा लेती है,
माँ तो हर दर्द को मुस्कान बना लेती है।
जिसे देखूँ तो चैन आ जाए दिल को,
माँ की वो सूरत, दिल को सुकून दे जाती है।
🌸 Shayari 3
जो बिना कहे सब कुछ समझ जाए,
जो मेरी आँखों से मेरी हालत पढ़ जाए।
उस फ़रिश्ते को हम माँ कहते हैं,
जो हर रोज़ खुद को भुला कर हमें सजाए।
🌸 Shayari 4
बचपन की वो लोरी अब भी कानों में गूंजती है,
माँ की वो थपकी अब भी नींद सी आती है।
दूर होके भी वो पास होती है हमेशा,
माँ की दुआओं में बहुत असर छुपा होता है।
🌸 Shayari 5
जिसने चलना सिखाया, बोलना सिखाया,
हर ठोकर पर संभालना सिखाया।
उस माँ को कैसे शब्दों में उतारूं,
जिसने मुझे जीना सिखाया।
🌸 Shayari 6
दुनिया की भीड़ में जो मुझे कभी खोने नहीं देती,
हर अंधेरे में रोशनी बनकर साथ चलती है।
वो सिर्फ माँ है जो हर हाल में मेरी होती है,
उसके बिना ये ज़िंदगी अधूरी सी लगती है।
🌸 Shayari 7
माँ की ममता का कोई मोल नहीं होता,
उसके प्यार का कोई तोल नहीं होता।
जो बिना किसी उम्मीद के बस देती है,
ऐसा रिश्ता और कोई नहीं होता।
🌸 Shayari 8
रातों को जाग कर जो मेरे लिए दुआ करती थी,
हर बुखार में जो मेरे माथे पर हाथ रखती थी।
अब समझ आया माँ क्या होती है,
जब मैं खुद दूर हो गया उससे।
🌸 Shayari 9
तेरे बिना सब कुछ अधूरा लगता है,
हर ख़ुशी में एक खालीपन सा लगता है।
तू जहां भी है, बस खुश रहना माँ,
तेरी यादों से ही मेरा जीवन चलता है।
🌸 Shayari 10
माँ के बिना ये घर घर नहीं लगता,
उसकी मुस्कान के बिना सूरज भी नहीं चमकता।
जिस दिन माँ रूठ जाए, समझो सारा जहां रूठ गया,
क्योंकि माँ की मौजूदगी ही सच्चा सुख देती है।
🌸 Shayari 11
वो जो हर दुआ में मुझे पहले रखती थी,
हर वक़्त मेरी सलामती की फ़िक्र करती थी।
अब जब खुद के लिए कुछ माँगने का वक़्त आया,
तो मां की आँखें बस मेरे लिए नम हो गईं।
🌸 Shayari 12
जो न खुद खाती थी, पर मुझे खिलाती थी,
खुद थक कर भी, मेरे लिए गुनगुनाती थी।
ऐसी माँ को भुला दूं क्या कभी?
जिसने अपनी हर ख़ुशी मुझमें समाई थी।
🌸 Shayari 13
माँ की गोद में ही तो सुकून है,
उसके बिना हर रास्ता वीरान सा है।
जिसके बिना सब कुछ अधूरा लगता है,
वो माँ ही तो मेरी पूरी दुनिया है।
🌸 Shayari 14
तेरी ममता की छांव में हर दर्द भूल जाता हूँ,
तेरे आशीर्वाद से हर राह आसान बन जाती है।
जब भी गिरता हूँ, सिर्फ तेरा नाम याद आता है,
माँ, तुझसे बढ़कर कोई सहारा नहीं होता।
🌸 Shayari 15
तेरे हाथों की रोटी अब भी सबसे स्वादिष्ट लगती है,
तेरे हाथों की दुआ अब भी सबसे ताकतवर लगती है।
जिन पलों में तू पास होती है माँ,
वो हर पल जैसे ईश्वर की कृपा लगती है।
❤️ निष्कर्ष (Conclusion):
माँ एक ऐसा रिश्ता है जो ना कभी टूटता है, ना
कभी थकता है। चाहे आप कितने भी बड़े हो जाएं, माँ के लिए आप हमेशा उसके “बच्चे” ही रहेंगे।
अगर आपके दिल में भी माँ के लिए ऐसी ही भावनाएँ हैं, तो इस पोस्ट को ज़रूर शेयर करें।

