15 अगस्त की देशभक्ति शायरी – दिल से निकली कविताएँ (2025 विशेष)

परिचय:

<p><noscript><img width=ना पूछो ज़माने से क्या मेरी पहचान है,
मैं हिंदुस्तान हूँ और ये मेरी जान है।
तिरंगे की कसम खाई है मैंने,
देश से ऊपर ना कोई भगवान है।

3. शहीदों को सलाम

जो हँसते-हँसते फांसी चढ़ गए,
वो लहू अब भी ज़मीन में बोलता है।
उनकी कुर्बानी को ना भूले कोई,
हर भारतवासी आज भी डोलता है।

4. आज़ादी का मतलब

आज़ादी सिर्फ जश्न नहीं होती,
ये ज़िम्मेदारी और सम्मान भी है।
हर उस सांस में वतन बसता है,
जो तिरंगे से जुड़ा ईमान भी है।

5. माँ तुझे सलाम

तेरी माटी में जो रंग है, वो रगों में है बहता,
तेरी ममता में जो शक्ति है, वो दिल से है कहता।
भारत माँ तुझे सलाम, तुझपे जान भी न्योछावर,
तेरे लिए जिएंगे, और तुझपे ही मरेंगे बारंबार।

6. स्वतंत्रता की पुकार

ना रुकेंगे, ना झुकेंगे,  
हर कदम देश के लिए उठेगा।
स्वतंत्रता की ये आग नहीं बुझेगी,
हर दिल में ये अलाव जलेगा।

7. वंदे मातरम् की गूंज

जहाँ सुबह तिरंगे से होती है,
वहाँ सूरज भी झुकता है।
जिस ज़मीं से ‘वंदे मातरम्’ की गूंज उठती है,
उस पर हर दुश्मन रुकता है।

वीरों की धड़कन

सीमा पर खड़ा है जो, वो सिर्फ सैनिक नहीं,
वो माँ का गर्व है, बहन की राखी है,
वो बेटा, वो भाई, वो वतन की धड़कन है,
जो हर गोली पर ‘जय हिंद’ कहता है।

9. 15 अगस्त का संदेश

15 अगस्त सिर्फ तारीख नहीं है,
ये इतिहास का सुनहरा पन्ना है।
हर भारतवासी के लिए गर्व की बात है,
ये आज़ादी का अमर गाथा-गान है।

10. युवा और देश

हर युवा में भगत सिंह जिंदा है,
हर दिल में आज़ादी का सपना है।
अगर नींद में भी देश पुकारे,
तो आँखों में न कोई सपना है, न कोई सपना अधूरा है।

“वो तिरंगा जो लहराया था शान से,
हर वीर की शहादत की पहचान से।
मत भूलो उसकी कीमत ऐ देशवासियों,
लहू टपका था इसकी जान में।”

ना पूछो ज़माने से कि क्या हमारी कहानी है,
हमारी पहचान तो बस यही है कि हम हिंदुस्तानी हैं।
जिनकी रगों में देशभक्ति लहराए,
वो ही सच्चे भारतवासी कहलाए।”

“सीने में जलता है जो देश का जुनून,
शब्दों में नहीं, कर्मों में दिखता है खून।
हर भारतवासी में है वो आग,
जो दुश्मन को कर दे राख!”

“धरती सुनहरी, अंबर नीला,
हर मौसम में रंग है भीगा।
ये देश नहीं भावना है,
भारत मां के चरणों की आराधना है।”

आजादी की वो पहली सुबह,
कितनी वीरों की आखिरी शाम थी।
हम जो मुस्कुरा रहे हैं चुपचाप,
उस हँसी में कितनी कुर्बानी थी!”

निष्कर्ष (Conclusion):

15 अगस्त पर जब आप ये शायरियाँ पढ़ते हैं, तो सिर्फ शब्द नहीं, वो शहीदों की साँसे, माँ की दुआएँ, और तिरंगे की गरिमा महसूस होती है।
इस बार आज़ादी का ये जश्न, केवल ध्वजारोहण तक सीमित न रखें —
इसे अपने दिल और लेखनी में जिएं।

Q1: 15 अगस्त को देशभक्ति शायरी क्यों लोकप्रिय होती है?

उत्तर:
15 अगस्त भारत की स्वतंत्रता का प्रतीक है, और इस दिन हर नागरिक अपने दिल से देश के लिए गर्व और प्यार महसूस करता है। शायरी एक ऐसा माध्यम है जो भावनाओं को शब्दों में पिरोकर देशभक्ति को खूबसूरती से व्यक्त करता है।


Q2: क्या मैं इन शायरियों का उपयोग अपने सोशल मीडिया पर कर सकता हूँ?

उत्तर:
हाँ, बिल्कुल! आप इन शायरियों को Instagram, Facebook, WhatsApp स्टेटस, और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर स्वतंत्र रूप से उपयोग कर सकते हैं। अगर आप स्रोत का ज़िक्र करें (shayarius.com), तो ये और भी अच्छा होगा।


Q3: क्या ये शायरी स्कूल या कॉलेज के स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में उपयोग की जा सकती है?

उत्तर:
जी हाँ, ये शायरियाँ स्वतंत्रता दिवस की स्पीच, पोस्टर, या सांस्कृतिक कार्यक्रमों में उपयोग के लिए एकदम उपयुक्त हैं। इनका शब्द चयन बच्चों और युवाओं दोनों के लिए आदर्श है।

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