आवारा हूँ – दिल से निकली तन्हा आवाज़

Introduction: आवारा दिल की कहानी

“आवारा हूँ…” दिल से निकली तन्हा आवाज़ सिर्फ़ एकशायरीनहीं, बल्कि एक एहसास है — जहाँ इंसान अपने दर्द, आज़ादी और अकेलेपन को मुस्कुराहट में ढाल देता है।
ज़िंदगी की भीड़ में खोए वो लोग, जो कभी-कभी खुद से भी अनजान हो जाते हैं — यही हैं असली आवारा दिल वाले

आवारा हूँ शायरी – 15 इमोशनल पंक्तियाँ

आवारा हूँ – दिल से निकली तन्हा आवाज़

🌙 1.

आवारा हूँ पर दिल में तू ही बसी,
रातें तन्हा हैं, पर याद तेरी हँसी।
हर मोड़ पे तेरी कमी महसूस हुई,
ज़िंदगी की राह भी अब अधूरी सी लगी।


🌧️ 2.

ना मंज़िल की चाह, ना राह का पता,
बस चलता जा रहा हूँ हवा के साथ खता।
लोग कहते हैं मुझे आवारा दिलवाला,
पर सच ये है — मैं टूटा हुआ पर जिन्दा हूँ सारा।


🌌 3.

तू कहीं है दूर, मैं कहीं पे खो गया,
तेरे बिना मैं बस एक रास्ता हो गया।
आवारा हूँ, पर यादें तेरी साया बनी,
हर सांस में तेरा नाम, हर धड़कन में तन्हाई ठनी।


💫 4.

ना कोई ठिकाना, ना कोई आसरा,
ज़िंदगी बस चल रही है जैसे किनारा।
लोग पूछते हैं, “क्यों आवारा बन गया?”
कह दूँ — इश्क़ में ज़ख़्म खा गया।


🌧️ 5.

मंज़िल नहीं, पर सफ़र है हसीन,
ज़ख़्म हैं गहरे, पर मुस्कुराहट भी रंगीन।
आवारा हूँ, पर दिल अब भी वफ़ा करता है,
हर दर्द में भी तेरा नाम लिखा रहता है।


🕊️ 6.

तन्हा सड़कों पर जब साया भी छोड़ गया,
खुद का नाम भी अब अनजान सा हो गया।
आवारा हूँ, पर खुद से नाराज़ नहीं,
शायद अब यही मेरा अंदाज़ सही।


🌹 7.

कभी सितारा था, अब धूल में मिल गया,
कभी किसी का था, अब खुद से ही छल गया।
आवारा हूँ — क्योंकि अब कोई ग़म नहीं,
ज़िंदगी की किताब में कोई सनम नहीं।


🔥 8.

इश्क़ ने दिया दर्द, और दर्द ने मुझे बनाया,
जो टूटा हर बार, वही आवारा कहलाया।
ना शिकायत किसी से, ना सवाल खुदा से,
बस चल रहा हूँ अपनी धुन में हवा से।


💭 9.

कहते हैं पागल हूँ, कोई कहता आवारा,
पर मैंने सीखा दर्द से जीना दोबारा।
हर हँसी के पीछे एक तूफ़ान छिपा है,
हर कदम पे तन्हाई का मकान बना है।


🌠 10.

दिल टूटा तो क्या, अरमान बाकी हैं,
आँखों में कुछ पुराने निशान बाकी हैं।
आवारा हूँ, पर उम्मीद ज़िंदा है अभी,
हर दर्द के बाद भी मुस्कुराहट जिन्दा है अभी।


💔 11.

रातों की खामोशी में बस नाम तेरा गूँजता है,
हर सितारा अब तेरे जैसा दिखता है।
आवारा हूँ — क्योंकि तू मेरा घर थी,
अब दुनिया बस एक सफ़र सी लगती है।


🌧️ 12.

तेरे जाने के बाद भी कुछ बाकी है,
खुद को खोकर भी तेरी यादें बाकी हैं।
आवारा हूँ, पर रूह अब भी तेरी दीवानी,
हर साँस में बसी तेरी पुरानी कहानी।


🌙 13.

ना राह मिली, ना ठिकाना कोई,
हर चेहरे में ढूँढा, पर मिला ना कोई।
आवारा हूँ — पर सच कहूँ तो खुश हूँ,
अब दर्द से ही मेरा रिश्ता सच्चा है।


💫 14.

ज़िंदगी की राहों पर यूँ ही चलता गया,
हर मोड़ पर खुद से ही उलझता गया।
आवारा हूँ — पर खुद में सुकून है,
हर दर्द में अब तेरा जुनून है।


💭 15.

ना चाहत बची, ना कोई अरमान,
फिर भी दिल ढूँढे वही पुराना जहान।
आवारा हूँ — पर ये दिल है सच्चा,
हर टूटन में भी प्यार है अच्छा।


🌹 Conclusion – “आवारा” होना गुनाह नहीं आवारा हूँ – दिल से निकली तन्हा आवाज़

आवारा होना मतलब ये नहीं कि कोई बेपरवाह है,
बल्कि वो इंसान ज़िंदगी से इतना गुज़र चुका होता है,
कि अब हर दर्द में भी मुस्कुरा देता है।
ऐसे ही आवारा दिल वाले ही असली शायर बनते हैं।


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